बोलो खाटू नरेश की जय
खाटू श्याम बाबा को कलियुग के सबसे चमत्कारी और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करने वाले देवताओं में माना जाता है। एकादशी के दिन श्याम बाबा की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से बाबा श्याम का व्रत और पूजा करते हैं, उनके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
खाटू श्याम बाबा कौन हैं?
खाटू श्याम बाबा महाभारत काल के वीर योद्धा बर्बरीक जी का स्वरूप माने जाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें कलियुग में “श्याम” नाम से पूजे जाने का वरदान दिया था।
आज राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
एकादशी पर खाटू श्याम बाबा की पूजा क्यों की जाती है?
एकादशी भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को समर्पित तिथि होती है। चूंकि खाटू श्याम बाबा को श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है, इसलिए इस दिन उनकी पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार:
मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं
आर्थिक संकट दूर होते हैं
परिवार में सुख-शांति आती है
नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है
रोग और तनाव में राहत मिलती है
खाटू श्याम बाबा एकादशी शुभ समय
प्रातः पूजा मुहूर्त
सुबह 5:30 बजे से 8:30 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 12:00 बजे से 12:50 बजे तक
संध्या आरती समय
शाम 6:30 बजे से 8:00 बजे तक
पूजा सामग्री सूची
एकादशी पर श्याम बाबा की पूजा में निम्न सामग्री का उपयोग करें:
श्याम बाबा की तस्वीर या मूर्ति
नीले एवं पीले फूल
धूप और दीप
घी का दीपक
चंदन
रोली और अक्षत
तुलसी दल
माखन-मिश्री
पंचामृत
नारियल
अगरबत्ती
कपूर
इत्र
मोर पंख
चूरमा या हलवा प्रसाद
खाटू श्याम बाबा पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
साफ और हल्के रंग के वस्त्र धारण करें।
पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें।
बाबा श्याम की तस्वीर स्थापित करें।
घी का दीपक जलाएं।
“ॐ श्री श्याम देवाय नमः” मंत्र का जाप करें।
श्याम चालीसा और भजन का पाठ करें।
माखन-मिश्री एवं चूरमे का भोग लगाएं।
अंत में आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
खाटू श्याम बाबा की कथा
महाभारत युद्ध के दौरान बर्बरीक जी के पास तीन दिव्य बाण थे। भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी परीक्षा ली और अंत में उनसे शीश दान मांगा। बर्बरीक जी ने बिना संकोच अपना शीश दान कर दिया। उनकी महान भक्ति से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें कलियुग में “श्याम” नाम से पूजे जाने का आशीर्वाद दिया।
एकादशी पर क्या करें?
श्याम नाम का जाप करें
गरीबों को दान दें
भजन-कीर्तन करें
सात्विक भोजन ग्रहण करें
मंदिर में निशान चढ़ाएं
क्या न करें?
क्रोध और विवाद से बचें
तामसिक भोजन न करें
झूठ और अपशब्दों से दूर रहें
खाटू श्याम बाबा के प्रसिद्ध भजन
हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा
खाटू वाले श्याम धणी
श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम